पंजाब के सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील में बड़ा बदलाव, जानिए क्या है पूरा मामला

बच्चों के मिड-डे मील में हुआ बड़ा बदलाव! अब पंजाब के स्कूलों में हर दिन मिलेगा कुछ खास, जानिए नया मैन्यू

जालंधर – पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के mid-day meal (मध्याह्न भोजन) में बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यह बदलाव प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत किया गया है और इसे 1 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक लागू किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का मकसद छात्रों को पोषण से भरपूर, साफ-सुथरा और नियमित भोजन देना है, जिससे उनकी सेहत बेहतर हो और पढ़ाई में मन लगे।

सरकार ने दिए सख्त निर्देश, तय मैन्यू से न हो कोई छेड़छाड़

पंजाब शिक्षा विभाग द्वारा सभी जिलों के स्कूलों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भोजन साप्ताहिक निर्धारित मैन्यू के अनुसार ही तैयार और परोसा जाए। छात्रों को कतार में बैठाकर साफ-सुथरे बर्तनों में भोजन देना अनिवार्य होगा और इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह mid-day meal इंचार्ज की होगी। यदि किसी स्कूल में इन नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित स्कूल प्रमुख पर कार्रवाई की जाएगी।

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बदलाव का उद्देश्य क्या है?

सरकार का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ खाने के स्वाद को सुधारने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर पोषण देने के उद्देश्य से किया गया है। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि हर बच्चे को भरपूर मात्रा में ताजा और गरम खाना मिले। साथ ही, स्कूलों में साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी निगरानी रखी जाएगी।

जानिए किस दिन क्या मिलेगा खाने में?

पंजाब सरकार ने जुलाई महीने के लिए mid-day meal में हर दिन का भोजन तय कर दिया है, जो इस प्रकार है:

  • सोमवार: दाल और रोटी
  • मंगलवार: राजमाह-चावल और खीर
  • बुधवार: काले-सफेद चने (आलू के साथ) और पूरी-रोटी
  • गुरुवार: कढ़ी (आलू और प्याज के पकौड़े के साथ) और चावल
  • शुक्रवार: मौसमी सब्जी और रोटी
  • शनिवार: साबुत माह की दाल, चावल और मौसमी फल

भोजन में शामिल होंगे मौसमी फल, मिलेगा अतिरिक्त पोषण

शनिवार को छात्रों को मौसमी फल भी दिए जाएंगे, जिससे उन्हें विटामिन और मिनरल्स की अतिरिक्त खुराक मिल सके। स्कूलों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि फल ताजे और साफ-सुथरे होने चाहिए।

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शिक्षा और पोषण के साथ-साथ अनुशासन पर भी ज़ोर

पंजाब सरकार इस पूरे बदलाव को एक व्यवस्थित, अनुशासित और पोषणयुक्त योजना के रूप में देख रही है। स्कूलों में भोजन का समय निश्चित किया जाएगा और सभी छात्रों को सुसंस्कृत ढंग से भोजन देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

सरकार का संकल्प: स्वस्थ बच्चा, शिक्षित बच्चा

पंजाब सरकार का यह कदम शिक्षा और पोषण दोनों को साथ लेकर चलने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। सरकार चाहती है कि हर बच्चा स्वस्थ हो, पेट भर खाए और पढ़ाई में आगे बढ़े। यही वजह है कि इस योजना की लगातार निगरानी की जाएगी और आवश्यक सुधार समय-समय पर किए जाएंगे।

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