Paracetamol 650mg और 15 दवाएं बैन! हेल्थ डिपार्टमेंट ने अचानक लगाई रोक
Bengaluru – दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा हेल्थ अलर्ट सामने आया है। राज्य की Drug Testing Laboratory की ताज़ा रिपोर्ट में 14 कंपनियों की दवाएं फेल पाई गई हैं, जिनमें पेरासिटामोल 650mg जैसी आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली दवा भी शामिल है।कर्नाटक सरकार ने इन दवाओं के उत्पादन, बिक्री और भंडारण पर तुरंत रोक लगाने का निर्देश जारी कर दिया है।
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग की इस चेतावनी ने फार्मेसी और मेडिकल जगत में हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि ये दवाएं तय मानकों पर खरी नहीं उतरतीं और इनका उपयोग लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यही वजह है कि कर्नाटक के Food Safety and Drug Administration विभाग ने फार्मेसियों, थोक विक्रेताओं, डॉक्टरों, अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को तुरंत सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
कौन-कौन सी दवाएं हैं शामिल?
रिपोर्ट के मुताबिक, निम्नलिखित दवाएं गुणवत्ता में फेल पाई गई हैं:
- Pomol-650 (Paracetamol 650mg) – निर्माता: Aban Pharmaceuticals (बैच नंबर: 13-4536)
- Compound Sodium Lactate Injection – निर्माता: Ultra Laboratories (बैच नंबर: KI124110)
- Injection Solution – निर्माता: Tam Bran Pharmaceuticals
- MITO Q7 Syrup – निर्माता: Bion Therapeutics India (बैच नंबर: CHS-40170)
इनके अलावा भी कई अन्य दवाएं जांच में फेल हुई हैं जिनकी पूरी सूची संबंधित विभागों को भेज दी गई है।
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जनता को क्या करना चाहिए?
सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे इन ब्रांड्स की दवाओं का सेवन तुरंत बंद कर दें। अगर किसी के पास इन दवाओं का स्टॉक या इस्तेमाल हो चुका है, तो वह तुरंत नजदीकी Drug Inspector या Assistant Drug Controller को इसकी जानकारी दें। किसी भी हालत में इन दवाओं का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है।
कड़ी कार्रवाई की तैयारी में सरकार
स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि इस मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन कंपनियों की दवाएं फेल हुई हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि आगे भी इसी तरह के सैंपल टेस्टिंग और औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि मरीजों की सेहत से किसी भी कीमत पर समझौता न हो।
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हर व्यक्ति की सुरक्षा है प्राथमिकता
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि सरकार अब दवा कंपनियों के प्रति सख्त रुख अपनाने जा रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि नागरिकों की जान की कीमत किसी भी प्रॉफिट से ज्यादा है और दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।