आधार कार्ड पर UIDAI का बड़ा एक्शन, जानें नया नियम
नई दिल्ली – आधार कार्ड को लेकर एक बेहद अहम और सख्त नियम अब लागू कर दिया गया है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने यह फैसला लिया है कि अगर किसी एक व्यक्ति को गलती से दो आधार नंबर जारी हो गए हैं, तो अब उनमें से सिर्फ एक को ही वैध माना जाएगा। यह कदम देश में “एक व्यक्ति – एक आधार” नीति को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके तहत अब आधार से जुड़ी पहचान में किसी भी तरह की दोहराव या धोखाधड़ी पर सीधा नियंत्रण किया जा सकेगा।
बायोमेट्रिक जानकारी वाला आधार ही होगा वैध
UIDAI की नई गाइडलाइन के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के पास दो आधार कार्ड हैं, तो वह कार्ड ही वैध माना जाएगा जिसमें पूरी Biometric जानकारी (Fingerprint, Iris Scan आदि) दर्ज होगी। अगर दोनों कार्डों में से किसी एक में बायोमेट्रिक जानकारी अधूरी है, तो पहले जारी हुआ आधार कार्ड ही मान्य होगा। दूसरा नंबर अपने आप अमान्य हो जाएगा। यह फैसला आधार की सत्यता और सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए लिया गया है।
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दो आधार नंबर होने पर तुरंत कराएं सुधार
अगर किसी नागरिक के पास दो आधार कार्ड हैं, तो उसे बिना देर किए नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर संपर्क करना चाहिए। UIDAI की टीम उस व्यक्ति की जांच करेगी और यह तय करेगी कि कौन सा आधार वैध रखा जाएगा और कौन सा रद्द किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी आधार पर होगी।
बच्चों, NRI और ट्रांसजेंडर के लिए भी नए नियम
UIDAI ने आधार कार्ड से संबंधित दस्तावेज़ों की नई सूची भी जारी की है। अब बच्चों, NRI, विदेशी नागरिकों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए हेड ऑफ फैमिली (HoF) के आधार की आवश्यकता होगी। वहीं, विदेशी नागरिकों और OCI कार्डधारकों के लिए आधार केवल वीजा या यात्रा परमिट की वैधता तक ही मान्य रहेगा।
अब ये दस्तावेज़ होंगे मान्य और जरूरी
पहचान प्रमाण के तौर पर:
- जन्म प्रमाणपत्र
- पासपोर्ट (भारतीय या विदेशी)
- वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड
पते के प्रमाण के रूप में:
- बिजली, पानी, गैस या टेलीफोन बिल
- स्कूल या सरकारी संस्थान से जारी प्रमाण पत्र
कुछ मामलों में जन्म प्रमाणपत्र अब अनिवार्य कर दिया गया है, खासकर बच्चों और NRI नागरिकों के लिए।
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अब नहीं चलेंगे फर्जी या दो आधार कार्ड
UIDAI के अनुसार, केवल वही दस्तावेज़ मान्य माने जाएंगे जो वर्तमान में वैध हों, व्यक्ति के नाम पर जारी हों और जिनकी जानकारी सत्यापन योग्य हो। यह बदलाव देश में आधार की पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ाने के लिए किया गया है।
नए नियमों के मुख्य बिंदु
- एक व्यक्ति के नाम पर अब दो आधार नंबर नहीं चलेंगे।
- बायोमेट्रिक जानकारी के आधार पर तय होगा कि कौन सा आधार नंबर वैध रहेगा।
- अगर किसी के पास दो आधार नंबर हैं, तो तुरंत आधार सेवा केंद्र में संपर्क करें।
- UIDAI ने दस्तावेजों की नई सूची जारी की है, जो सभी वर्गों के लिए अलग-अलग लागू होगी।
- अब केवल वैध और सत्यापित दस्तावेजों के आधार पर ही अपडेट्स स्वीकार किए जाएंगे।
UIDAI का यह सख्त कदम न केवल डुप्लिकेट पहचान को खत्म करेगा, बल्कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और आधार डेटा की सुरक्षा को भी बेहतर बनाएगा। अगर आपने कभी गलती से दो आधार बनवाए हैं या आपकी जानकारी में कोई गड़बड़ी है, तो इसे तुरंत सुधार कराना अब जरूरी हो गया है।